360 फोटो बूथ रेंटल पैकेज एक तय ऑफ़र होता है, जो सर्विस के घंटे, कस्टमाइज़ेशन और डिलीवरी का तरीका एक नाम और एक कीमत में जोड़ता है। सबसे अच्छा काम करते हैं तीन पैकेज: एक बेसिक, एक कम्प्लीट (जिसे आप सच में बेचना चाहते हैं) और एक प्रीमियम। तीन विकल्प होने पर क्लाइंट आपकी तुलना किसी दूसरे वेंडर से करने के बजाय आपके ही पैकेजों की आपस में तुलना करता है।
यह गाइड बताती है कि पैकेज कैसे बनाएँ: हर लेवल में क्या रखें, कौन-से ऐड-ऑन वैल्यू बढ़ाते हैं और उन्हें कैसे पेश करें। अगर आप अभी अपना रेट तय कर रहे हैं, तो पहले यह पढ़ें: 360 फोटो बूथ बिज़नेस कैसे शुरू करें और हर इवेंट का कितना चार्ज करें.
संक्षेप में
- तीन पैकेज: बेसिक, कम्प्लीट और प्रीमियम। सबसे ज़्यादा बीच वाला बिकता है।
- साफ़ फ़र्क: हर लेवल कुछ ऐसा जोड़े जो क्लाइंट को दिखे, सिर्फ़ एक घंटा और नहीं।
- नतीजे बताने वाले नाम: ताकि क्लाइंट बिना बारीक शर्तें पढ़े समझ जाए कि उसे क्या मिलेगा।
- ऐड-ऑन अलग से: एक्स्ट्रा घंटे, वीडियो दिखाने वाली स्क्रीन या प्रिंटेड फोटो।
- सब कुछ लिखित में: हर पैकेज में क्या शामिल है, यह कॉन्ट्रैक्ट में भी लिखा हो।
360 फोटो बूथ पैकेज में क्या होता है
हर पैकेज, सबसे सादे से लेकर सबसे पूरे तक, क्लाइंट के एक जैसे सवालों का जवाब देता है। अगर इनमें से एक भी सवाल अधूरा रह गया, तो क्लाइंट ईमेल पर पूछेगा और बुकिंग का जोश ठंडा पड़ जाएगा:
- सर्विस के घंटे: प्लेटफ़ॉर्म कितनी देर रिकॉर्ड करता है, सेटअप और पैकअप का समय छोड़कर।
- सेटअप, पैकअप और आना-जाना: शामिल, या दूरी के हिसाब से अलग चार्ज।
- ऑपरेटर: इवेंट के दौरान मेहमानों के साथ कौन रहेगा।
- कस्टमाइज़ेशन: नामों या लोगो वाला फ़्रेम, म्यूज़िक और वीडियो का स्टाइल।
- डिलीवरी: QR कोड से तुरंत वीडियो, और क्लाइंट के लिए इवेंट की ऑनलाइन गैलरी।
- प्रॉप्स और सजावट: कार्पेट, रस्सी वाले स्टैंड, साइनबोर्ड या बैकड्रॉप।
एक नहीं, तीन पैकेज क्यों
एक ही पैकेज हो, तो क्लाइंट के मन में बस एक सवाल होता है: बुक करूँ या नहीं? तीन पैकेज हों, तो सवाल बन जाता है: कौन-सा? और तब आप पहले से उसके फ़ैसले के अंदर होते हैं। प्रीमियम पैकेज एंकर का काम करता है: उसे देखने के बाद कम्प्लीट पैकेज वाजिब लगता है। और बेसिक उन लोगों के लिए है जिनका बजट कम है, बिना इसके कि आपको बाकी दो की कीमत घटानी पड़े।
तीन से ज़्यादा विकल्प अक्सर आपके ख़िलाफ़ जाते हैं: क्लाइंट उलझता है, सोचने का समय माँगता है और बाहर कीमतें मिलाने लगता है। अगर ज़्यादा वैरायटी चाहिए, तो उसे ऐड-ऑन से दें, चौथे पैकेज से नहीं।
तीन लेवल वाले पैकेज का एक उदाहरण
यह ढाँचा शुरुआत के लिए है। घंटे और कीमतें आप अपने इलाके और अपनी लागत के हिसाब से तय करें:
| पैकेज | किसके लिए | क्या शामिल है |
|---|---|---|
| बेसिक | बर्थडे और छोटी पार्टियाँ | कम सर्विस घंटे, इवेंट के नाम वाला फ़्रेम, म्यूज़िक और QR कोड से डिलीवरी |
| कम्प्लीट | शादियाँ और ज़्यादातर इवेंट | ज़्यादा घंटे, कस्टम डिज़ाइन किया फ़्रेम, क्लाइंट के लिए ऑनलाइन गैलरी, प्रॉप्स और कार्पेट |
| प्रीमियम | बड़ी शादियाँ और कंपनियाँ | ऊपर का सब कुछ, साथ में ज़्यादा घंटे, लाइव वीडियो वाली स्क्रीन और दूसरा सेटअप या प्रिंटेड फोटो |
बुकिंग की वैल्यू बढ़ाने वाले ऐड-ऑन
ऐड-ऑन से आप पैकेज को दोबारा बनाए बिना एडजस्ट कर सकते हैं। ऐसे ऐड-ऑन चुनें जिनकी आपकी लागत कम हो और क्लाइंट के लिए वैल्यू ज़्यादा:
- एक्स्ट्रा घंटे: बेचने में सबसे आसान, ख़ासकर जब पार्टी देर तक चलती है।
- वीडियो वाली स्क्रीन: उन्हें टीवी पर दिखाना लाइन में जोश भरता है और क्लाइंट का ब्रांड चमकाता है।
- एनिमेटेड फ़्रेम: GIF वाले एनिमेटेड फ़्रेम ऐसा फ़िनिश देते हैं जो सोशल मीडिया पर अलग दिखता है।
- हर वीडियो पर कंपनी का लोगो: कॉर्पोरेट इवेंट और ब्रांड एक्टिवेशन में ज़रूरी।
- प्रिंटेड फोटो: प्लेटफ़ॉर्म के पास एक फोटो बूथ, उसी अकाउंट पर iPad फोटो बूथ ऐप के साथ।
- दूसरा सेटअप: एक और प्लेटफ़ॉर्म या एक ग्लैमबॉट (बहुत सारे मेहमानों वाली शादियों में)।
पैकेज का नाम कैसे रखें और उन्हें कैसे पेश करें
नाम से पता चलना चाहिए कि पैकेज किस काम का है। «पार्टी», «कम्प्लीट वेडिंग» और «ब्रांड इवेंट» को «ब्रॉन्ज़», «सिल्वर» और «गोल्ड» से ज़्यादा आसानी से समझा जाता है, और इनसे क्लाइंट ख़ुद को किसी एक में देख पाता है। पेश करते समय:
- तीनों को एक ही पेज या PDF में, अगल-बगल रखें।
- कम्प्लीट पैकेज पर «रिकमेंडेड» लिखें।
- हर लेवल का एक असली वीडियो दिखाएँ: यह किसी भी वर्णन से ज़्यादा असर करता है।
- विशेषण नहीं, घंटे और डिलीवर होने वाली चीज़ें लिखें।
- साफ़ बताएँ कि ऐड-ऑन क्या है और उसकी कीमत कितनी है।
इवेंट के हिसाब से पैकेज
- शादियाँ: दूल्हा-दुल्हन के नाम और तारीख़ वाला फ़्रेम, कपल का गाना और गैलरी, ताकि परिवार सारे वीडियो देख सके।
- कंपनियाँ और ब्रांड एक्टिवेशन: हर वीडियो पर लोगो, स्क्रीन और तुरंत डिलीवरी, क्योंकि ब्रांड असल में कंटेंट ही ख़रीद रहा है। और आइडिया यहाँ: ब्रांड एक्टिवेशन में 360 फोटो बूथ की गाइड.
- बर्थडे और सगाई: कम घंटे, ख़ूब म्यूज़िक और तेज़ डिलीवरी, ताकि वीडियो उसी रात सोशल मीडिया पर पहुँच जाएँ।
- साल के आख़िर की पार्टियाँ: छोटे और दोहराए जा सकने वाले पैकेज, क्योंकि पीक सीज़न में एक ही हफ़्ते में कई इवेंट हो सकते हैं।
वे गलतियाँ जो पैकेज को डुबो देती हैं
- सिर्फ़ घंटों में फ़र्क वाले पैकेज। क्लाइंट सबसे सस्ता चुन लेता है।
- बहुत ज़्यादा विकल्प। तीन से ज़्यादा पैकेज फ़ैसले को टाल देते हैं।
- बिना कीमत के ऐड-ऑन। ईमेल पर आया हर सवाल एक ठंडी पड़ती बुकिंग है।
- ऐसा वादा जो आपके हाथ में नहीं, जैसे बिना इंटरनेट वाले हॉल में तुरंत डिलीवरी।
- लिखित में न रखना। हर पैकेज में क्या शामिल है, यह कॉन्ट्रैक्ट में होना चाहिए।
Snap360 के साथ जो बेचें, वही डिलीवर करें
पैकेज तभी काम करता है जब आप उसे हर इवेंट में एक जैसा डिलीवर करें। Snap360 में आप हर पैकेज को एक प्रीसेट कॉन्फ़िगरेशन के रूप में सेव करते हैं, उसके फ़्रेम, म्यूज़िक और डिलीवरी के तरीके के साथ, और अगले इवेंट पर सेकंडों में लागू कर देते हैं। अगर क्लाइंट आख़िरी पल में बदलाव माँगे, तो AI से फ़्रेम बनाने वाला फ़ीचर मिनटों में डिज़ाइन दोबारा बना देता है।
ऐप बिना इंटरनेट रिकॉर्ड करता है और इंटरनेट मिलते ही QR कोड से डिलीवर करता है, और पेड प्लान में इवेंट 12 महीने तक सेव रहते हैं। अपने पैकेज फ़ाइनल करने से पहले आप सब कुछ आज़मा सकते हैं: Snap360 के साथ फ्री में शुरू करें.
और जब क्लाइंट अपना पैकेज चुन ले, तो सब कुछ एक फोटो बूथ कॉन्ट्रैक्ट में लिखित रूप से तय कर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुझे कितने 360 फोटो बूथ पैकेज रखने चाहिए?
तीन: एक बेसिक, एक कम्प्लीट और एक प्रीमियम। तीन विकल्प होने पर क्लाइंट आपके ही ऑफ़र के अंदर तुलना करता है और अक्सर बीच वाला चुनता है। तीन से ज़्यादा पैकेज फ़ैसले को टालते हैं, इसलिए ज़्यादा वैरायटी चौथे पैकेज के बजाय ऐड-ऑन से देना बेहतर है।
360 फोटो बूथ पैकेज में क्या-क्या होना चाहिए?
सर्विस के घंटे, सेटअप और आना-जाना, ऑपरेटर, फ़्रेम और म्यूज़िक का कस्टमाइज़ेशन, और वीडियो डिलीवरी का तरीका। अगर आप प्रॉप्स, ऑनलाइन गैलरी या स्क्रीन दे रहे हैं, तो वह भी लिखें, ताकि क्लाइंट को ठीक-ठीक पता हो कि वह क्या बुक कर रहा है और कोई सरप्राइज़ न हो।
एक पैकेज कितने घंटे का होना चाहिए?
यह इवेंट पर निर्भर करता है: बर्थडे को शादी से कम घंटे चाहिए। आम तौर पर बेसिक पैकेज पार्टी के सबसे ख़ास पल को कवर करता है, और कम्प्लीट व प्रीमियम घंटे और वैल्यू जोड़ते हैं। पार्टी लंबी चलने के लिए एक्स्ट्रा घंटे हमेशा ऐड-ऑन के रूप में रखें।
कौन-से ऐड-ऑन सबसे ज़्यादा बिकते हैं?
एक्स्ट्रा घंटे, लाइव वीडियो वाली स्क्रीन, हर वीडियो पर कंपनी का लोगो और प्रिंटेड फोटो। ये ऐसे ऐड-ऑन हैं जो क्लाइंट को इवेंट के दौरान दिखते हैं, और अगर इवेंट की सेटिंग ऐप में पहले से सेव है, तो इन्हें तैयार करने में आपका ख़र्च कम आता है।
क्या मैं एक ही पैकेज में फोटो और 360 वीडियो दे सकता हूँ?
हाँ। Snap360 के DIAMOND PRO प्लान में वही सेटअप एक ही अकाउंट से 360 वीडियो भी बनाता है और फोटो बूथ भी चलाता है, और क्लाइंट को इवेंट की फोटो और वीडियो एक ही गैलरी में मिलते हैं। अपने प्रीमियम पैकेज को बाकी वेंडरों से अलग दिखाने का यह अच्छा तरीका है।
